उत्तर प्रदेश के 5 जिलों में बढ़ेगा इंडस्ट्रियल निवेश, औद्योगिक विकास मंत्री ने दी LOC जारी करने की मंजूरी

उत्तर प्रदेश के 5 जिलों में बढ़ेगा इंडस्ट्रियल निवेश, औद्योगिक विकास मंत्री ने दी LOC जारी करने की मंजूरी

Industrial Investment to Increase in 5 Districts of UP

Industrial Investment to Increase in 5 Districts of UP

Industrial Investment to Increase in 5 Districts of UP: औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नंदी ने सोमवार को इन्वेस्ट यूपी कार्यालय में औद्योगिक विकास से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा। उन्होंने उच्चस्तरीय बैठक में लेटर आफ कम्फर्ट (एलओसी) से जुड़े आवेदनों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में प्रमुख निवेश प्रस्तावों को एलओसी जारी करने की सिफारिश की गई। यह परियोजनाएं बरेली, फिरोजाबाद, वाराणसी, गौतमबुद्ध नगर और कानपुर देहात में स्थापित की जाएंगी और इनके माध्यम से 2,000 से अधिक रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

प्रस्तावित परियोजनाओं में स्टील व आयरन कास्टिंग, मेडिकल डिवाइस, पीईटी प्रीफार्म, कैप्स व क्लोजर्स, ईवी चार्जर्स, बीईएसएस चार्जर्स, इलेक्ट्रिकल एनक्लोजर और सोलर स्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में विनिर्माण गतिविधियां शामिल हैं। इन्हें सभी प्रोत्साहन व सब्सिडी प्रदान की जाएगी। बैठक में मंत्री ने कहा कि सभी आवेदनों का त्वरित व पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार सहित इन्वेस्ट यूपी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

वन ट्रिलियन डॉलर मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम लागू

उधर, प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए वन ट्रिलियन डालर मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम (ओटीडी सीएम फेला) कार्यक्रम लागू किया गया है। कैबिनेट की बैठक में सोमवार को इसके प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। कार्यक्रम के तहत हर जिले में पहले से डीएम की अध्यक्षता में गठित जिला ओटीडी सेल की कार्यक्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके लिए सभी जिलों में एक ओटीडी फेलो (आर्थिक विकास) और एक ओटीडी फेलो (डेटा विश्लेषक) को ओटीडी सीएम फेलो के रूप में तैनात किए जाने का निर्णय किया गया है।

ओटीडी फेलो विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित कर कृषि, उ‌द्योग, निवेश, अवसंरचना, पर्यटन, रोजगार तथा जिला घरेलू उत्पाद (डीडीपी) से संबंधित संकेतांकों की नियमित समीक्षा में सहयोग करेंगे। डाटा का वैज्ञानिक विश्लेषण कर मासिक और त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट भी तैयार करेंगे। नियोजन विभाग विकसित डैशबोर्ड के माध्यम से आनलाइन रिपोर्टिंग और केपीएल आधारित मानिटरिंग व्यवस्था लागू करेगा। ओटीडी सीएम फेला के लिए संबंधित विषयों में परास्नातक की पात्रता तथा अधिकतम 40 वर्ष आयु सीमा निर्धारित की गई है। अनिवार्य अहर्ता की उपाधि में निर्धारित प्रतिशत, शोध प्रकाशन और प्रासंगिक अनुभव को वरीयता दी जाएगी।

हर माह 50 हजार रुपये मिलेगा पारिश्रमिक

ओटीडी फेलो को 50,000 प्रतिमाह पारिश्रमिक, लैपटाप, यात्रा भत्ता और आवासीय सुविधा/भत्ता प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम प्रारंभिक रूप से एक वर्ष के लिए होगा, जिसे प्रदर्शन के आधार पर नवीनीकृत किया जा सकेगा। कार्यक्रम के तहत ओटीडी सीएम फेलो का चयन स्टेट ट्रांसफारर्मेशन कमीशन (एसटीसी) करेगा। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा (50 अंक), अधिमानी अहर्ता (30 अंक) और साक्षात्कार (20 अंक) शामिल होंगे। प्रारंभिक कार्यकाल एक वर्ष होगा।